ताजमहल की कीमत का किया गया खुलासा – अगर आज होता निर्माण तो बिक जाते कई देश!

ताजमहल की खूबसूरती से हर कोई परिचित है। इतिहास के अनुसार ताजमहल का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहां ने अपनी तीसरी बेगम मुमताज महल की याद में बनवाया था। ताजमहल का निर्माण 1632 में शुरू हुआ था जिसे बनकर तैयार होने में 22 साल का लंबा वक्त लगा। लेकिन इसे बनाने में हिंदुस्तान का खजाना भी खाली हो गया था। एक मत के अनुसार ताजमहल को उस वक्त बनवाने में 3.2 करोड़ रुपए की लागत आई थी। यह एक निश्चित बात है की ताजमहल वास्तुशिल्प का एक अनूठा उदाहरण है। भारत में टूरिस्ट को अपनी और आकर्षित करने में ताजमहल की खूबसूरती कभी फीकी नहीं पड़ी।

आप अंदाजा लगा सकते हैं की वर्ष 1632 में 3.2 करोड़ रुपए की कितनी अहमियत होगी। इसी बात को जानने के लिए कई लोगों ने इस बात का अंदाजा लगाया कि अगर ताजमहल का निर्माण 21वी सदी में हुआ होता तो इसे बनकर तैयार होने में कितने रुपए खर्च आते । वैसे तो ताजमहल को बहुत सारे विरोधाभास है लेकिन आज हम उन विषयों पर बात नहीं करेंगे। कुछ लोग ताजमहल के इमारत का मूल्यांकन करते हैं तो वहीं कुछ लोग ताजमहल के साथ वहां मौजूद अन्य इमारत और उसके जमीन का भी मूल्यांकन करते हैं।

आइए जानते हैं कि अगर ताजमहल 21वीं सदी में बनता तो कितना खर्च आता। एक रिसर्च आर्गेनाईजेशन यह दावा करती है की ताजमहल की कीमत आज 1 लाख करोड़ से भी अधिक है। निश्चित तौर पर इतनी रकम बहुत सारे छोटे देश की अर्थव्यवस्था से भी अधिक है। लेकिन वही कुछ ऑर्गनाइजेशन इसकी कीमत का आकलन लगभग 7000 करोड़ के आसपास करती है। आप हमें कमेंट में बताएं कि कौन से देश की अर्थव्यवस्था 1 लाख करोड़ से कम है!

खैर इतना तो निश्चित है कि ताजमहल भारत के लिए एक अनमोल धरोहर है। हमारा कर्तव्य है कि हम अपने धरोहर की रक्षा करें। इस आर्टिकल को जरूर लाइक करें और हमें फॉलो करना ना भूलें। न्यूज़ सोर्स- ओरिजिनल रिसर्च

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