मनुष्य के जन्म के 17-18 करोड़ वर्ष पूर्व ये जानवर था सरीसृपों का सम्राट

क्रियेटस काल यानी मध्यजंतुक युग के आखरी सात वर्ष ( इसी काल में हीं टाईरेनोसौरस कि उत्पत्ति हुयी थी) में दो पैरों से चलने वाला भयंकर और विचित्र विशालकाय सरीसृप हुआ करता था जिसे इग्वानोडॉन कहा जाता है I इग्वानोडॉन अपने अगले दोनों पैर को उठाकर पिछले दोनों पैरो के सहारे चलने वाला एक विशालकाय जीव था I

इग्वानोडॉन कि लम्बाई लगभग 10 से 11 मीटर तक होती थी और इससे आप इसकी ऊंचाई का अंदाजा लगा सकते है कि , जब हो चलने के लिए अपनों अगले दोनों पैरों को लगभग 4 से 5 मीटर उपर उठा लेता था I इग्वानोडॉन के झिल्लीदार पैर होते थे और इसकी पूंछ मोटी और भारी हुआ करती थी I

ब्रकियोसौरस एक डायनासौर था जो लगभग 9 से 10 मीटर ऊँचा तथा 25 से 30 मीटर लम्बा होता था, इसका वजन लगभग 50 से 60 मीट्रिक टन हुआ करता था I

ब्रकियोसौरस की संरचना काफी विशालकाय और भयानक था, इसकी भूरे रंगों की मोटी चमड़ी से बनी पूंछ और गर्दन काफी ही लम्बी और बड़ी थी I ब्रकियोसौरस शाकाहारी होते थे I

अंततः मध्यजंतुक युग में मुख्य रूप से ब्रकियोसौरस, स्टेगोसौरस, टाईरेनोसौरस और इग्वानोडॉन विकसित हुए थे I मध्यजंतुक युग यानी जुरासिक युग अथवा मिसोज़ोइक एरा के नाम से भी जाना जाता है I ये युग लगभग 4 करोड़ वर्षों तक चलता रहा था यानी 18 करोड़ वर्ष पूर्व डायनासौर विकसित हुए और 7 करोड़ वर्ष से लुप्त होने शुरू हो गए थे I

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