मध्यजन्तुक युग का सबसे खतरनाक एवं भयानक पक्षी है ये टैरोसौर

दोस्तों, आज से पहले लगभग 15 करोड़ वर्षों तक माध्यमिक काल में सरीसृपों का साम्राज्य था और उस समय मानव का नामों निशान तक नहीं था I उस समय पृथ्वी पर सरीसृपों का शाशन था लेकिन उसे पक्षी नहीं कहा जाता था I इन दिनों में कुछ सरीसृपों ने अपने आपको आकाश में उड़ने के योग्य बना लिया था I

जुरासिक काल अथवा मध्यजंतुक युग या माध्यमिक युग में एक विचित्र मांसाहारी सरीसृप हुआ करता था इसे टैरोसौर का नाम दिया गया है I ये एक विचित्र प्रकार का सरीसृप था जो उड़ सकता था I टैरोसौर का अस्तित्व आज से लगभग 6 से 7 करोड़ वर्ष पहले था I

टैरोसौर की संरचना कुछ इस प्रकार थी, इसके शरीर पर मोटे-मोटे तथा पारभासी चमड़े हुआ करते थे I इसका मुख्य भोजन मांस, मछली इत्यादि हुआ था I

इसके दोनों बगल के चमड़े लटके हुए होते थे, ये चमड़े उड़ने में सहायक होते थे I उड़ने के लिए इन्हें उस चमड़े के बने खाल को अपने अगले और पिछले पैरों के बीच फैलाना पड़ता था I

टैरोसौर के मिले कुछ अवशेष ये बताते हैं कि, टैरोसौर का वजन लगभग 80 से 100 किलोग्राम के बीच होता होगा I टैरोसौर माना जाता है कि ये भी एक मध्यजन्तुक युग के इग्वानोडॉन की तरह हीं पी उठाकर चल और उड़ सकने वाला एक पक्षी के आकर में ढला हुआ जीव था I मुख्यतः इनकी प्रजातियां अपने घोंसले बड़े-बड़े चट्टानों के बीच अथवा चट्टानों के उपर बनाते थे या फिर चट्टानों के बीच के फटे दरारों में अपने बच्चे के लिए निवास स्थान खोजते थे और ऐसा भी माना जाता है कि ये सरीसृप भयंकर मांसाहारी हुआ करता था I

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