मंगल ग्रह की धड़कन सुनने को किया 30 साल इंतजार

चांद में किसी को मामा नजर आते हैं तो किसी को नानी मां का चेहरा। काई वहां घर बनाने के सपने देखता है तो कोई महज एक बार उस धरती को छूना चाहता है। ऐसे ही, मंगल ग्रह की धड़कन सुनने को तीन दशक से बेकरार है एक वैज्ञानिक। नासा के इनसाइट मिशन में शामिल फिलिप लोगनन हमेशा यह जानना चाहते थे कि मंगल ग्रह की लाल सतह के नीचे क्या चल रहा है। फिलिप ने मंगल ग्रह की जमीन की धड़कन सुनने के लिए पूरे 30 साल इंतजार किया है। इस बार उनकी किस्मत साथ दे गयी और नासा के मार्स मिशन पर उनके द्वारा ईजाद किया एक उपकरण भी साढ़े छह माह बाद मंगल पर पहुंच जायेगा।

भूकम्प का पता लगाता है उनका यंत्र

फिलिप का उपकरण भूकम्प का पता लगाने के लिए डिजायन किया गया है। यह एक मल्टी-सेंसर सीस्मोमीटर है, जिसे मंगल की लाल मिट्‌टी के नीचे गहराई में फिट किया जायेगा। इससे पहले मंगल के जिस भी मिशन में उनकी मशीन को भेजने की बात चली, वो मिशन किसी न किसी वजह से रद्द हो गया या असफल रहा। फिलिप अब 55 साल के हो गये हैं और हवाईयन शर्ट पहनना उनकी कमजोरी है। वे पेरिस में इंस्टीट्यूट ऑफ अर्थ फिजिक्स में एक शोधकर्ता के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने सुनामी पर बहुत काम किया है और 1970 के दशक के अपोलो मिशनों के बारे में जानने के लिए उनके विस्तृत आंकड़ों का गहराई से अध्ययन किया है। लेकिन शुरुआत से ही, उनका असली जुनून और अविश्वसनीय मिशन उन मशीनों का निर्माण करना था जो मंगल ग्रह की लाल सतह के नीचे के हाल जान सके।

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