पृथ्वी पर पानी कैसे आया? जानिए इसके बारे में!

हमारी पृथ्वी पर 70 प्रतिशत जगह पानी से ढकी हुई है। हमारे शरीर में भी लगभग 60 प्रतिशत पानी है। इस पानी को बनने में बहुत लंबा समय लगा। अरबों साल पहले जब ब्रह्मांड में तारे बन चुके थे, तब इन्हीं तारों के अंदर ज्यादा दबाव के कारण इनमें जो हिलियम के मॉलिक्यूल्स थे, वो फ़ीरोज़ा में बदल गए, फिर कार्बन और फिर ऑक्सीजन में बदल गए।

काफी समय बाद यह तारे संयुक्त होकर फट गए, जिसे सुपरनोवा कहते हैं। इससे यह मॉलिक्यूल्स पूरे ब्रह्मांड में फैल गए और आपस में मिलकर इन्होंने नये-नये मॉलिक्यूल्स बनाए, जैसे H2O यानि कि पानी। यह मॉलिक्यूल्स एक धूल जैसे बादल में थे। जिससे हमारा सोलर सिस्टम बना है।

अब सवाल यह है कि पानी पृथ्वी पर कैसे आया? एक थ्योरी के मुताबिक हमारी पृथ्वी की शुरुआत में इसका वायुमंडल नहीं था। जिसके कारण पृथ्वी पर जो पानी था, वो सारा भाफ बनकर अंतरिक्ष में चला गया। कुछ ही समय बाद एक प्रोसेस आम गैस के कारण उनमें ज्वालामुखी की गैसें निकली और हमारी पृथ्वी का शुरुआती वायुमंडल बना। पृथ्वी पर अब पानी रुक सकता था।

उसके बाद जो छोटे तारे पृथ्वी पर गिरे। फिर उनमें जो पानी था, वो पानी पृथ्वी पर ही बना रहा। लेकिन हाली में जो वैज्ञानिकों ने रिसर्च की है, उसमें वो इस थ्योरी से पूरी तरह सहमत नहीं है। क्योंकि उन्होंने जब पृथ्वी पर कुछ उल्का पिंड का अध्ययन किया तो उन्होंने पाया कि उसके अंदर पानी है और यह उसी समय बने थे, जब हमारी पृथ्वी की कुछ चट्टानें बनी थी। इनकी संरचना भी उसके समान है। जिसकी वजह से पृथ्वी बिना वायुमंडल के भी पानी को अपने अंदर बनाई रही और बाद में छोटे तारों के जरिए भी पानी आया। ऐसी ही और जानकारी के लिए हमें Follow करें।

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