पृथ्वी के आस-पास पांच लाख टुकड़ो का मलबा

स्वच्छता मिशन जमीं पर ही नहीं अंतरिक्ष में भी है जरुरी । हर देश आये अंतरिक्ष में कई यान छोड़ता है। कई जाते ही नष्ट हो जाते है और कई यान किसी पत्थर से टक्करा कर नष्ट हो जाते है। लकिन कभी आपने सोचा है की नष्ट हुये यान आखिर जाते कहां है।

शून्य गुरूत्वाकर्षण के कारण वह नीचे तो आ नहीं सकते इसलिए स्वच्छता मिशन जमीं पर ही नहीं अंतरिक्ष में भी है जरुरी । हर देश आये अंतरिक्ष में कई यान छोड़ता है। कई जाते ही नष्ट हो जाते है और कई यान किसी पत्थर से टक्करा कर नष्ट हो जाते है। लकिन कभी आपने सोचा है की नष्ट हुये यान आखिर जाते कहां है।

शून्य गुरूत्वाकर्षण के कारण वह नीचे तो आ नहीं सकते इसलिए वह अंतरिक्ष में ही रह जाता है। अंतरिक्ष में ढेरों सैटेलाइट का मलबा जमा है। ये मलबा धरती का चक्कर लगा रहा है। ऐसे में अगर कोई नया सैटेलाइट इस मलबे के ढेर से टकराएगा, तो करोड़ों का नुक़सान हो सकता है।

यदि कोई नया शोध भी किया जाये तो हो सकता है वह उसमें कोई समस्या खड़ी कर दे। कचरा पृथ्वी पर ही नहीं अंतरिक्ष में मौजूदा है। वर्तमान वक़्त में अंतरिक्ष कबाड़ के क़रीब पांच लाख टुकड़े धरती की परिक्रमा कर रहे हैं। अंतरिक्ष में ही रह जाता है। अंतरिक्ष में ढेरों सैटेलाइट का मलबा जमा है। ये मलबा धरती का चक्कर लगा रहा है। ऐसे में अगर कोई नया सैटेलाइट इस मलबे के ढेर से टकराएगा, तो करोड़ों का नुक़सान हो सकता है।

यदि कोई नया शोध भी किया जाये तो हो सकता है वह उसमें कोई समस्या खड़ी कर दे। कचरा पृथ्वी पर ही नहीं अंतरिक्ष में मौजूदा है। वर्तमान वक़्त में अंतरिक्ष कबाड़ के क़रीब पांच लाख टुकड़े धरती की परिक्रमा कर रहे हैं।

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