नासा को यूरोपा ग्रह पर पानी होने का नया सबूत मिला, जहां विशाल महासागर हो सकते है

साल 1997 में बृहस्पति के चंद्रमा यूरोपा पर फ्लाईबी से एक नया डेटा निकाला था। नासा के इस गैलीलियो अंतरिक्ष यान ने सीधे पानी के पंखों (watery plume) से उड़ा था। जिससे पृथ्वी जैसे दूसरे ग्रह के आसपास जीवन के लक्षणों की जांच की उम्मीद बढ़ गई थी। नासा का यह गैलीलियो अंतरिक्ष यान साल 1995 में ग्रह की विशाल गैस कक्षा में प्रवेश करने वाला पहला अंतरिक्ष यान बना।

शोधकर्ताओं ने यूरोपा के जमे हुए सतह से उभरने वाले पंखों के बारे में सबसे प्रत्यक्ष प्रमाण प्राप्त किया है। यूरोपा को लंबे समय से हमारे ग्रह जैसा माना गया है जहां विशालकाय महासागर होने का विचार किया गया है। पिछले कई सालों में नासा के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने यूरोपा पर प्लूम्स के साक्ष्य पाए हैं लेकिन दूर से। जब एक शोधकर्ता ने हाल ही में हबल के अवलोकनों के संग्रह पर निष्कर्ष प्रस्तुत किए, इससे पता चला कि हमें वापस जाना है और गैलीलियो डेटा को देखना है।

नासा ने यूरोपा पर पानी के पंखों के अस्तित्व के अपने हबल स्पेस टेलीस्कॉप से पहले ही दो बार साक्ष्य की सूचना दी हालांकि इस व्याख्या ने बहुत बहस भी हुई है। और कई सवाल इस बात के बारे में रहते हैं कि पंखों में क्या शामिल है और क्या इसमें कुछ प्रकार का जीवन शामिल है।

वैज्ञानिक एलिजाबेथ टर्टल ने कहा कि सबफ्रेंस महासागर यूरोपा का सबसे अधिक रहने योग्य हिस्सा है क्योंकि यह गर्म है और यह बर्फ के खोल से विकिरण पर्यावरण से संरक्षित भी है। किसी भी तरह का सुझाव देने के लिए यह सवाल पूछने के लिए कमेंट करना ना भूलें और एक ही विज्ञान की खबरें पाने के लिए हमें लाइक और फॉलो जरूर करें।

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