नई तकनीक के माध्यम से विलुप्त हो चुके जीव फिर से जन्म ले पाएंगे

विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है कि अब कुछ भी मुमकिन हो सकता है। इसी कड़ी में विलुप्त हो चुके जीवों को आनुवांशिक क्लोनिंग के द्वारा फिर से विकसित करने संबंधित प्रयोगों को एक नई कामयाबी मिली है। शोधकर्ताओं ने कहा है कि अगले चार सालो के भीतर विलुप्त हो चुके बालों वाले विशालकाय मैमथ हाथी दोबारा पैदा किए जा सकेंगे। क्योटो विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एकिरा इरिटेनी ने यह अद्भुत शोध किया है।

आपको बता दे कि हाथियों की यह प्रजाति अफ्रीका में करीब 12000 वर्ष पहले पाई जाती थी। इन अनोखे हाथियों के शरीर पर घने बाल पाए जाते थे। नए शोध के द्वारा इन मैमथ हाथियों को क्लोनिंग के जरिए फिर से अस्तित्व में लाने का काम किया जा रहा है। अगर ऐसा हो जाता है तो आने वाले समय में विलुप्त हो चुके जीवों को फिर से विकसित किया जा सकेगा। वैज्ञानिकों की माने तो इसके लिए बर्फ में जमे किसी मैमथ हाथी के नर्म ऊतकों के नमूने चाहिए होंगे।

इन ऊतकों की कोशिकाओं से वाकायाम तकनीक की सहायता से केंद्रक निकालकर उसे एक अफ्रीकी हाथी की कोशिकाओं में प्रत्यारोपित किया जाएगा। यह अफ्रीकी हाथी मैमथ के लिए किराए की कोख की तरह काम करेगा। आपको बता दे कि करीब 10000 ईसा पूर्व पहले एक धूमकेतु के पृथ्वी के वायुमंडल में फटने और आग लगने से बालों वाले मैमथ विलुप्त हो गए थे। इससे पहले 90 के दशक में भी यह प्रयोग किया गया था, लेकिन उसमें सफलता नहीं मिल पाई थी।

आपकी जानकारी के लिये बता दे कि जापान के ‘रिकेन सेंटर फॉर डेवलपमेंट बायोलॉजी’ के टेरुहिको वाकायामा ने 2008 में यह आधुनिक तकनीक प्रस्तुत की थी। इस तकनीक की सहायता से 16 साल तक बर्फ में जमी हुई अवस्था में रहे चूहे की कोशिकाओं से क्लोनिग के जरिए एक और चूहा विकसित हो पाया था। तो आने वाले समय में विलुप्त हो चुके जीव भी फिर से देखे जा सकेंगे।

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