दूसरे ग्रहों पर जीवन तलाशने के लिए नया उपग्रह छोड़ेगा नासा, मंगल ग्रह पर भी भेजेगा यान

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा सौरमंडल से बाहर के ग्रहों पर जीवन को तलाशने के लिए अगले सप्‍ताह एक नया उपग्रह भेजेगा। दि ट्रांजिटिंग एक्‍सोप्‍लैनेट सर्वे सैटेलाइट (टीईएसएस) को फ्लोरीडा के कैप कैनवेरल एयर फोर्स स्‍टेशन के स्‍पेस लॉन्‍च कॉम्‍प्‍लेक्‍स-40 से 16 अप्रैल को शाम 6:32 बजे प्रक्षेपित किया जाएगा।

टीईएसएस के प्रमुख वैज्ञानिक जॉर्ज रिकर ने कहा कि उन्‍हें उम्‍मीद है कि टीईएसएस ऐसे ग्रहों की तलाश करेगा जहां के वायुमंडल की संरचना जीवन के लिहाज से अनुकूल होगी। मेसाचुसेट्स इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी (एमआईटी) द्वारा विकसित उपग्रह का लक्ष्‍य हजारों ऐसे ग्रहों की तलाश करना है, जो हमारे सौरमंडल से बाहर स्‍थापित हैं। यह अंतरिक्ष यान एक फ्रि‍ज के आकार का है और यह चार कैमरे से लैस होगा। टीईएसएस लगभग दो साल अपने मिशन पर रहेगा और लगभग पूरे आकाश को खंगालेगा।

मंगल के अंदरूनी भागों का अध्‍ययन करेगा नासा –

नासा मंगल ग्रह की भीतरी सतह का अध्‍ययन करने के लिए वहां अपना पहला अभियान भेजने के लिए तैयार है। चन्‍द्रमा पर भेजे गए अपोलो मिशन के बाद इनसाइट भी नासा का पहला मिशन होगा। इसे 5 मई को मंगल ग्रह पर भेजने का कार्यक्रम बनाया गया है। यह किसी दूसरे ग्रह की जमीन पर भूकंप को मापने के लिए बनाए गए यंत्रों को वहां स्‍थापित करेगा।

इनसाइट के प्रमुख वैज्ञानिक ब्रूस बैनर्ट ने कहा कि इनसाइट एक तरह की वैज्ञानिक टाइम मशीन है, जो 4.5 अरब साल पहले मंगल ग्रह के बनने के शुरुआती चरणों के बारे में सूचना देगी। इससें यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि पृथ्‍वी, उसका चंद्रमा और सौर मंडल के अन्‍य ग्रहों जैसी चट्टानें कैसे बनीं। नासा के अनुसार मंगल ग्रह की आं‍तरिक सतहों के अध्‍ययन से वैज्ञानिकों को यह समझने में सहायता मिलेगी कि इसकी सतहें पृथ्‍वी से किस तरह भिन्‍न हैं।

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