जानिए, यह आकाशगंगा क्यों तरस रही है सितारों के लिए?

डार्क मैटर कभी कभी कन्फ्यूजन पैदा कर देता है। अब अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने एक ऐसी अजीब सी खोज कर डाली है, जो चक्कर में डालती है। उन्हें एक ऐसी गेलेक्सी का पता चला है जिसमें रत्ती भर भी डार्क मैटर नहीं है। हमें अभी ठीक ठीक नहीं पता कि डार्क मैटर किस बला का नाम है, लेकिन गेलेक्सीज में कुछ ऐसी चीजें देखी गयी हैं, जिन्हें समझने के लिए डार्क मैटर को समझना जरूरी है। माना तो यह जाता है कि ज्यादातर गेलेक्सीज या आकाशगंगाओं में डार्क मैटर सामान्य से अधिक होता है। यही वजह है कि नयी खोजी गयी आकाशगंगा में डार्क मैटर बिल्कुल न होने की बात ने सबकों हैरत में डाल दिया है।

सितारे कम हैं नयी गेलेक्सी में-

आकाशगंगाओं के विकास में डार्क मैटर न सिर्फ एक अवयव है, बल्कि गेलेक्सी के जन्म के लिए भी इसका होना लाजमी है। जिस गेलेक्सी की हम यहां चर्चा कर रहे हैं, वो सेटस में 6.5 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। इसका आकार हमारी आकाश गंगा या मिल्की वे जितना ही है। फर्क बस इतना सा है कि मिल्की वे में मौजूद प्रति 200 सितारों के पीछे नयी गेलेक्सी में एक ही तारा है। इसे हब्बल फोटोग्राफ में देखा जा सकता है। सितारों की कमी और डार्क मैटर के न होने से यह गेलेक्सी बहुत ही कम द्रव्यमान की है।

कौतूहल पैदा करने वाला मामला-

येल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक, पीटर वेन डोक्कम कहते हैं- किसी गेलेक्सी का डार्क मैटर से रहित होना कौतूहल का विषय हो सकता है। डार्क मैटर ही तो वो अदृश्य और रहस्यमय तत्व होता है जो किसी गेलेक्सी में सबसे ज्यादा महत्व रखता है।

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