जानिए, क्या प्रकाश की किरणों को मोड़ पाना संभव है?

नॉर्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी में इंजीनियरिंग एवं भौतिक विज्ञान के शोधकर्ताओं ने रोशनी को मनचाही दिशा में मोड़ने के लिए एक नयी तकनीक विकसित कर ली है, जिससे किसी स्थान पर अधिक रोशनी कर पाना संभव होगा और उसकी गुणवत्ता भी बेहतर होगी। इससे रोशनी फैलाने के कार्यों में व्यापक बदलाव आने की संभावना उत्पन्न हो गयी है। यहां बात डिफ्रेक्शन ग्रेटिंग की हो रही है, जिसकी मदद से इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले से लेकर फाइबर ऑप्टिक संचार प्रौद्योगिकी तक में प्रकाश का मनमाफिक इस्तेमाल किया जाता है।

रोशनी की रेंज को 40 डिग्री तक फैलाया

नॉर्थ कैरोलिना स्टेट यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रिकल एवं कंप्यूटर इंजीनियरिंग के प्रोफेसर माइकल एस्कुटी कहते हैं – अब तक, बड़े कोणों पर रोशनी डालने के लिए अत्याधुनिक ग्रेटिंग्स में एंगुलर रेंज या बैंडविड्थ लगभग 20 डिग्री होती है, जिसका अर्थ है कि प्रकाश स्रोत को ग्रेटिंग की ओर होना चाहिए। हमने एक नयी ग्रेटिंग विकसित की है, जो उस रेंज को 40 डिग्री तक फैलाती है, जिससे प्रकाश कोणों की विस्तृत श्रृंखला से ग्रेटिंग में प्रवेश कर सकता है।

फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क बेहतर होगा

इमेजिन ऑप्टिक्स कार्पोरेशन के मुख्य विज्ञान अधिकारी, एस्कुटी कहते हैं – इसका व्यावहारिक प्रभाव बढ़ी-वास्तविकता को प्रदर्शित करना होगा। उदाहरण के लिए, उपयोगकर्ताओं के पास दिखाने के लिए अधिक एरिया उपलब्ध रहेगा और देखने वालों का अनुभव बेहतर होगा। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क को अधिक ऊर्जा कुशल बना सकता है। इस काम के लिए अगला कदम इन ग्रेटिंग्स के फायदे लेना और बढ़ी-वास्तविकता वाले हार्डवेयर की एक नई पीढ़ी विकसित करना है। रिसर्च का ब्यौरा साइंटिफिक रिपोर्ट्स पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

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