जबरदस्त इंजीनियरिंग की कहानी कहती है 1000 साल पुरानी ‘रानी की वाव

18 अप्रैल को वर्ल्ड हेरीटेज डे है, इस मौके पर हम आपको गुजरात की 1000 साल पुरानी रानी की वाव के बारे में कुछ ऐसी बातें बताएंगे कि आप भी उस जमाने की इंजीनियरिंग की दाद देंगें।2014 में वर्ल्ड हेरीटेज में शामिल की गई ये बावड़ी आर्कीटेक्चर की ऐसी बेमिसाल कहानी कहती है कि अगर कोई एक बार इस जगह पहुंच जाए तो वो यहां बार-बार आना चाहेगा।

रानी की वाव का निर्माण रानी उदयमती ने 10वीं-11वीं सदी में अपने पति भीमदेव सोलंकी की याद में बनावाया था।
राजा भीमदेव सोलंकी वंश के संस्थापक थे और उन्होने 1021-1063 तक शासन किया था। ये भारत की एकमात्र बावड़ी है जिसे यूनेस्को ने अपनी हेरीटेज लिस्ट में जगह दी है। ये बावड़ी प्राचीन भारत के बेमिसाल वाटर मैनेजमेंट का सुबूत देती है। बावड़ी में सुरंगे बनी हैं इनका इस्तेमाल युद्ध के समय परिवार को सुरक्षित करने के लिए किया जाता था। बावड़ी की दीवारों पर अंदर की नक्काशी देखने लायक है।मान्यता है कि इस बावड़ी में नहाने से चर्म रोग नहीं होता है।

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