एक ऐसा सबूत जो साबित कर देगा, इंसानों के बीच रह रहे हैं परग्रही सभ्यता के रोबोट

परग्रहियों की खोज में हम सुदूर ग्रहों पर लगातार नजर रखते हैं। दूसरे ग्रहों पर जीवन होने के कई सबूत मिलने के दावे भी किये जाते हैं लेकिन अगर हम कहें कि हमारे ही बीच पृथ्वी पर परग्रही मौजूद हैं तो आपको झटका लग सकता है। लेकिन यह बात सच है। परग्रही हमारे बीच इस धरती पर आ चुके हैं। इस बात को साबित करने का सबसे बड़ा सबूत है वो कैपचा जो आप अक्सर भरते हैं।

होता क्या है कैपचा, जानते हैं आप

कैपचा के बारे में वैसे तो सब जानते ही होंगे लेकिन जो नहीं जानते उनको बता दें कि कैपचा वो आड़े तिरछे नंबर और अंग्रेजी के लैटर होते हैं जिनको कभी आप रिजर्वेशन के दौरान लॉग इन करने या कभी किसी साइट को देखने के लिए भरते हैं। या कहें कि आपसे भरवाये जाते हैं। कभी आपने सोचा है कि आपसे आखिर ये सब क्यों भरवाया जाता है और क्यों मैं रोबोट नहीं हूूं पर क्लिक करवाया जाता है।

कई उन्नत सभ्यतायें हो चुकी हैं विकसित

षडयंत्रकारी थ्योरी पर यकीन रखने वाले वैज्ञानिक मिशियो काकू कहते हैं कि हमारी पृथ्वी में परग्रहियों की मौजूदगी से कतई इनकार नहीं किया जा सकता है। हम सोच भी नहीं सकते कि सुदूर अंतरिक्ष में कितनी उन्नत सभ्यतायें विकसित हो चुकी होंगी जो पूरा ब्रह्मांड रचने का विज्ञान जानती होंगी। उनका धरती पर आना या यहां के लोगों को समझना आम बात ही हो सकती है।

बस थोड़े से आड़े-टेढ़े शब्द भरवाने के क्या है मकसद

आप सोचिए आखिर क्यों आपसे बस आड़े-टेढ़े शब्द भरवाये जाते हैं। वैज्ञानिक काकू बताते हैं कि दरअसल सालों से वैज्ञानिकों का एक गुप्त मिशन चल रहा है। जिसमें उनको पक्का यकीन हो गया है कोई न कोई सभ्यता धरती पर आ चुकी है और वो हमारी गतिविधियों को और हमारी ताकतों के साथ हमारी तकनीकी को जानने का प्रयास कर रही है।

उन्नत सभ्यता के आर्टिफिशल रोबोट हो सकते हैं हमारे बीच

वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्नत सभ्यता के परग्रही जो लाइट की स्पीड में यात्रा करते होंगे। वे ऐसे रोबोट बना चुके होंगे जिनकी अपनी समझ होगी। खुद दूसरे ग्रहों की यात्रा न कर ऐसे ही रोबोट्स को वे दूसरे ग्रहों तक भेज चुके होंगे। यही वो रोबोट हैं जो इंसानों के भेष में धरती पर आ चुके हैं और हम पर नजर रख रहे हैं। उनसे अपनी चीजों को बचाने के लिए ही कैपचा बनाये गये हैं।

नासा को है पूरी जानकारी, छिपाया है सबसे

कैपचा भरने के लिए इंसानों जैसी पहचान करने की समझ चाहिए। वैज्ञानिकों का अंदाजा है कि जिस कैपचा को इंसान भर लेते हैं, उनको शायद हमारे बीच इंसान बनकर रह रहे रोबोट न भर सकें। वैसे वैज्ञानिक गलत भी हो सकते हैं। हो सकता है उनकी इतनी समझ हो कि वो कैपचा भरना तो छोड़िये उसको बनाना तक जानते हों। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इस पूरे खेल को नासा अच्छी तरह ज
खतरे में हो सकता है इंसानों का अस्तित्व

अगर वैज्ञानिकों का अंदाजा सही निकला और वाकई में हमारे बीच इंसानी शक्ल में रोबोट सेंधमारी कर चुके हैं तो यह बड़ी खतरनाक बात हो सकती है। ब्रिटिश वैज्ञानिक डेविड मोल कहते हैं कि अगर वो सालों से हम पर अध्ययन कर रहे होंगे तो अब तक हमारे बारे में सब जान चुके होंगे और अगले कदम की तैयारी में होेंगे जो हम पर हमला हो सकता है…अगर आपको यह जानकारी रोचक लगी तो आप इसको शेयर करते हैं। ऐसी ही और न्यूज को जानने के लिए आप मुझे फ़़ॉलो भी कर सकते हैं। धन्यवाद।।

Leave a Reply

Your email address will not be published.