इस रहस्यमय ममी के मिलने से सामने आये एक शहर के अजीबोगरीब किस्से

8 अप्रैल को मिनेसोटा में एक रहस्यमय ममी ने सनसनी फैला दी| उस दिन मिनेसोटा के फेसबुक पेज पर एक बन्दर की ममी की तस्वीर जारी हुई| यह तस्वीर जिस आदमी ने उपलब्ध कराई थी उसका दावा था कि डेटन के डिपार्टमेंट स्टोर (यह एक 100 वर्षीय संस्था है जिसका जीर्णोद्धार करके उसे चमचमाते कमर्शियल सेंटर में बदला जा रहा है) के रेनोवेशन के दौरान छत में इस ममी में तब्दील हो चुके बन्दर को उसने पाया था|

दशकों पहले डिपार्टमेंट स्टोर की छत में कहाँ से पहुँचा बन्दर-

फोटो से पता चलता है कि यह दशकों पहले मरे बंदर के अवशेष हैं| शव समय के साथ पीला पड़ चुका है और इसके पेट में कटे होने के निशान हैं| फोटोग्राफर का कहना था कि छत का जीर्णोधार करते वक्त उसे यह मिला|

यह बंदर कहाँ से आया था? डिपार्टमेंट स्टोर की छत में जाकर ही यह क्यों मरा और इसके पेट में जख्म किसने किया? शहर भर से पाठों के इन सवालों से फेसबुक पेज भर गया| इसके साथ ही इस रहस्य का जवाब ढूँढने में कई पाठकों ने शहर के अतीत के अजीबोगरीब किस्से पोस्ट करने शुरू किये|

कई पाठकों ने पचास और साठ के दशक के विज्ञापनों को भेजा जिनमें डेटन स्टोर के ऊपरी माले में उस समय मौजूद पेट स्टोर के विज्ञान थे| स्टोर ने उन विज्ञापनों में पालतू जानवरों के बिकाऊ होने के विज्ञापन दिय थे| इनमें बन्दरों के विज्ञापन भी थे| कई पाठकों ने इस बन्दर की ममी को लेकर तरह-तरह के किस्से सुनाये| रहस्यमय बन्दर की ह्त्या होने का दावा अभी तक एक ही परिवार नेकिया है| पड़ोसी इलाके के मेयर रीगन मर्फी ने कहा है कि यह संभवतः उनके पिता का कृत्य था|

छह दशक पहले की एक दिलचस्प घटना-

’60 के दशक में मेरे पिता (लैरी) ने एक बार डेटन के स्टोर से एक बंदर को चुरा लिया था’, मर्फी ने ट्वीट किया।

घटना यह है कि लैरी और उनके स्कूल के दोस्त एक दोपहर खेल रहे थे, जहां से वे डिपार्टमेंट स्टोर के पेट शॉप गए। एक बंदर को अपने जैकेट में छिपाकर लड़के वहाँ से बाहर आ गए| जब लैरी की माँ लौटी और उन्हें यह सब पता चला तो उन्होंने लड़कों को डेटन से चुराए हुए बन्दर को लौटाने का हुक्म दिया|

‘वे दुकान में वापस चले गए, उसे सीढियों में रख दिया और भाग आये| शायद बंदर वहाँ से छत की नलिकाओं में घुस गया होगा|’ मर्फी ने स्टार ट्रिब्यून को बताया| यह एक किस्सा है| बहरहाल बीबीसी के मुताबिक बिल्डिंग के अधिकारी स्थानीय म्यूजियम से मिलकर बन्दर की सचाई का पता लगाने में जुटे हैं|

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