इतिहास रचने की तैयारी में है नासा, मंगल ग्रह पर सबसे पहले पड़ेंगे इनके कदम

मंगल ग्रह के बारे में शायद आप लोग बहुत सारे तत्व को जानते होंगे और ये भी जानते होंगे कि जब पृथ्वी इंसान के रहने के लिए लायक नहीं रहेगी तो इंसानों को मंगल ग्रह पर भेजा जाएगा। ऐसे महत्वपूर्ण मिशन को इल्जाम देने के लिए अमेरिका स्पेस एजेंसी नासा और स्पेस एक्स दिन-रात अपने काम कर रही हैं। लेकिन मंगल ग्रह पर इंसानी बस्ती बसाने के लिए मंगल पर पहला कदम किसका होगा? नासा का होगा या फिर स्पेस एक्स का होगा, जानने के लिए इस खबर को पूरा पढ़ें –

दुनिया की बड़ी-बड़ी स्पेस एजेंसियों ने यह पता किया है कि सौरमंडल में मौजूद पृथ्वी के अलावा मंगल ही एक ऐसा ग्रह है, यहां पर भूतकाल में जीवन रहा है और भविष्य में जीवन के पनपने की संभावनाएं दिखाई देती है, क्योंकि यह हमारे ग्रह पृथ्वी से काफी हद तक मिलता-जुलता है। हालांकि अभी मंगल ग्रह पर इंसानों के रहने का पृथ्वी जैसा महौल नहीं है। मंगल ग्रह पर किसी रूप में जीवन है या नहीं, अभी तक तो इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। स्पेस एक्स का कहना है कि वो अगले 40 से 60 साल के भीतर एक मिलियन यानि 10 लाख लोगों को मंगल ग्रह पर बसाने में सक्ष्म हो पाएंगे। मंगल हमारे सौरमंडल का चौथा ग्रह है। पृथ्वी से करीब 5.5 करोड़ किलोमीटर की दूरी पर मौजूद इस लाल ग्रह तक पहुंचने में कम से कम 7 महीने का समय लगता है और पृथ्वी के मुकाबले सूर्य से दूर होने के कारण यह ग्रह बहुत ठंडा भी है।

परंतु नासा का कहना है कि वो अगले कुछ सालों में इंसानों को रहने के लिए मंगल ग्रह पर artificial ecosystem बनाएगी यानि जिसके अंदर ऑक्सीजन होगी, पेड़-पौधे होंगे, पानी तथा छोटे-छोटे जीव-जंतु भी होंगे। आपको बता दें कि पिछले साल नासा ने मंगल ग्रह पर जाने में रुचि रखने वालों के आवेदन मंगवाये थे। जिसके तहत नासा को 16 लाख नाम मिले थे। अमेरिका की स्पेस एजेंसी नासा के इस मिशन के तहत लाल ग्रह पर जाने के लिए लोगों में बड़े पैमाने पर उत्सुकता है और यह बात भी सामने आई थी कि मंगल ग्रह के लिए टिकट बुक करने में भारत तीसरे स्थान पर था। इस बीच नासा की ओर से एक बड़ा बियान सामने आया है। इस बियान को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा भी शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि मंगल पर सबसे पहला कदम रखने वाला कोई और प्राणी नहीं बल्कि इंसान ही होंगे।

नासा के पूर्व डायरेक्टर के मुताबिक लाल ग्रह पर जाने वाला पहला इंसान कोई महिला होनी चाहिए। उन्होंने ये भी कहा कि अब तक जितने भी अंतरिक्ष मिशन हुए हैं, उन सब में पुरुषों का ही योगदान रहा है। मैं चाहुंगी कि इस बार मंगल ग्रह पर जाने वालों में सबसे पहली महिला रहे। वैसे भी इस बार मंगल पर जाने वाले इस मिशन में नासा की टीम को महिला लीड कर रही है। हालांकि नासा की तरफ से इस मिशन का कोई आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है। अब देखना है कि किसी अन्य ग्रह पर इंसान कितने दिन तक जिंदा रह सकता है और क्या सच में नासा मंगल ग्रह पर इंसानों के रहने के लिए पृथ्वी जैसा वातावरण बना पाते हैं या नहीं? इस बारे में आपका क्या विचार है, कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए। ऐसी ही और जानकारी के लिए हमें Follow करें।

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