अंतरिक्ष में ISRO की एक और छलांग, सोती रह गई दुनिया भारत ने कर दिया…

अंतरिक्ष में अपनी लगातार सफलताओं के लिए मशहूर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो आज सुबह करीब 4.04 बजे अंतरिक्ष में सफलता के एक और झंडे गाड़ दिए। इसरो तड़के सुबह आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित प्रक्षेपण केंद्र से नेविगेशन सैटेलाइट (IRNSS-1I) को लॉन्च किया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, IRNSS-1I स्वदेशी तकनीक से निर्मित नेविगेशन सैटेलाइट है। जिसका वजन 1,425 किलोग्राम बताया जाता है। 1.58 मीटर लंबा, 1.5 मीटर ऊंचा और 1.5 मीटर चौड़े सैटेलाइट समुद्री नेविगेशन के साथ ही मैप और सैन्य क्षेत्र के लिए मददगार साबित होगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये सैटेलाइट इसरो की नाविक प्रणाली का हिस्सा बनेगी, आईआरएनएसएस-1I एनएवीआईसी नौवहन उपग्रह धरती के धुव्रीय कक्षा में स्थापित होने वाली नौवहन प्रणाली का आठवां उपग्रह है। इससे पहले इसरो ने कम्यूनिकेशन उपग्रह जीसैट-6ए को 29 मार्च को प्रक्षेपित किया था।

हालांकि इसके बाद 31 मार्च को इससे संपर्क टूट गया था, तब यह धरती सेकरीब 36,000 किलोमीटर ऊपर जियो-स्टेशनरी कक्षा में था। खबरों के अनुसार आठवें नौवहन उपग्रह आईआरएनएसएस-11 एनएवीआईसी को 1,425 किलोग्राम के आईआरएनएसएस-1एच उपग्रह की जगह पर भेजा गया है जो 31 अगस्त 2017 को प्रक्षेपण के दौरान पीएलएलपी रॉकेट से बाहर निकलने में असफल रहा था।

बताया जाता है कि इस दौरान लांचिंग के 20 मिनट बाद हीट शील्ड खराब होने के कारण ऐसा हुआ था, जिससे यह रॉकेट से अलग होकर अपनी कक्षा में स्थापित नहीं हो सका।

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